Robot Prime minister



आज सांसद में प्रधान मंत्री का बयान टेलीविज़न के जरिये देखा और सुना बड़ी निराशा हुयी .पहली बार मैंने किसी आदमी को रोबोट कि तरह बात करते देखा वो हैं हमारे प्रधान मंत्री,भावहीन चेहरा जैसे उन्हें जो बोलना था वही बोलेंगे यहाँ तक कि अपने विरोधिओं (जो शोर मचा रहे थे उसे जबाव तक नहीं दे पा रहे थे न तो उनकी तरफ देख रहे थे)और दूसरी बात जो कई सांसदों ने ये कहा कि सांसद सर्वोच्च है.उन्हें लोकतंत्र कि परिभाषा नहीं मालूम है कि लोकतंत्र में लोग यानी जनता सर्वोच्च होती है .सब पढ़े लिखे लोग (लालू को छोड़ कर)कैसी अनपढ़ जैसी बात कह रहे थे.जनता ने सांसदों को चुना है अपने हित कि बात करने अपने सिने पर मुंग दलने नहीं.कपिल सिब्बल बार-बार ये कह रहे थे कि कुछ लोग सांसद कि सत्ता को चुनौती दे रहे हैं मैन कहता हूँ सांसद कि सत्ता का क्या अर्थ है ये जनतंत्र है यहाँ जनता कि सत्ता है .फिर इतने सारे लोग कुछ लोग नहीं हैं.शायद ये बताना जरुरी नहीं कि कैसे जनता ने जब-जब आँखें खोली है कई लोगों को सड़क पर ला खड़ा किया है.

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